
राज्यसभा में गुरुवार देर रात तक वक्फ बिल पर चर्चा चली, जो लगभग 12 घंटे लंबी रही। इस दौरान सरकार और विपक्ष के सांसदों के बीच तीखी बहस हुई। इस चर्चा के दौरान, कांग्रेस के दिग्विजय सिंह और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बीच जोरदार तकरार हुई।जब दिग्विजय सिंह, भाजपा के सुधांशु त्रिवेदी की बात पर आपत्ति जता रहे थे, तब अमित शाह ने स्थिति को संभालते हुए जवाब दिया। इसी दौरान, दिग्विजय सिंह ने गुजरात दंगों का मुद्दा उठा दिया। कांग्रेस सांसद ने सवाल उठाया कि ‘गुजरात दंगों में आपकी भूमिका क्या थी?इस सवाल का जवाब देते हुए अमित शाह ने कहा, ‘इनको मेरा हौआ है, सिर्फ मैं ही दिखाई देता हूं।’ उन्होंने यह भी कहा कि ‘दंगे शांत होने के 18 महीने बाद मैं गृह मंत्री बना, जब दंगा हुआ था तो मैं गृह मंत्री नहीं था।’ यह बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।राज्यसभा में इस बिल के पक्ष में 128 वोट पड़े, जबकि लोकसभा में इस बिल के समर्थन में 288 वोट मिले। एनडीए गठबंधन के सभी घटक दलों ने इस बिल का समर्थन किया।राज्यसभा में हुई इस लंबी बहस के बाद, वक्फ बिल पास हो गया। यह बिल विभिन्न धार्मिक स्थलों के वक्फ बोर्डों को अधिक शक्ति देने और उनकी प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करने के उद्देश्य से पेश किया गया था। अब यह देखना होगा कि इस बिल के पारित होने के बाद इसका प्रभाव किस प्रकार होगा