आज हम बात करेंगे झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के आदेश के बावजूद स्कूलों में फीस वृद्धि और री एडमिशन के जारी रहने पर। इस मुद्दे पर सरकार और स्कूल प्रशासन के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है।हाल ही में, झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने स्पष्ट आदेश दिया था कि सभी स्कूलों को फीस वृद्धि और री एडमिशन की प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगानी होगी। उनके आदेश के बावजूद, कई स्कूलों में फीस में वृद्धि और री एडमिशन की प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के जारी है।अभिभावक और छात्र निराश हैं, क्योंकि उन्हें पहले से ही आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। फिर भी स्कूलों द्वारा फीस में बढ़ोतरी और री एडमिशन के लिए अतिरिक्त शुल्क लिया जा रहा है।

इस पर अभिभावकों का कहना है कि सरकार के आदेश का कोई असर नहीं पड़ा है और उनका अधिकार नजरअंदाज किया जा रहा है।शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने इस मामले में कहा है कि उनका आदेश स्पष्ट है और जो भी स्कूल इस आदेश का उल्लंघन करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने अधिकारियों से जल्द से जल्द इस पर ध्यान देने की अपील की है।वहीं, स्कूल प्रशासन का कहना है कि फीस वृद्धि और री एडमिशन की प्रक्रिया पहले से तय की गई थी और वे इसे लागू करने के लिए बाध्य हैं। उनका यह भी कहना है कि वृद्धि के कारणों में शिक्षण सुविधाओं का विस्तार और अन्य प्रशासनिक खर्च शामिल हैं।यह मामला अब राज्य सरकार और स्कूल प्रशासन के बीच एक बड़ी चुनौती बन चुका है। क्या शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के आदेश के बाद इस पर काबू पाया जा सकेगा? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। फिलहाल, अभिभावक और छात्र इस स्थिति को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे हैं। हम आपको इस मुद्दे पर और जानकारी देते रहेंगे।