
मेरठ में ईद की नमाज के बाद एक विवादित पोस्टर सामने आया। इस पोस्टर में कई धार्मिक उत्सवों के सड़क पर मनाने का समर्थन किया गया।पोस्टर में लिखा था: “सड़कों पर सिर्फ मुस्लिम नमाज नहीं पढ़ते हैं,” और आगे जोड़ा गया, “हिन्दू होली, शिवरात्रि, कांवड़ यात्रा, रामनवमी, दिवाली, और गणेश चतुर्थी जैसे त्योहार भी सड़कों पर मनाए जाते हैं।”पोस्टर का उद्देश्य यह बताना था कि विभिन्न धार्मिक समूहों के लोग सड़कों पर अपने त्योहारों और आस्था को मनाते हैं, और यह उनकी धार्मिक स्वतंत्रता का हिस्सा है।इस पोस्टर पर सोशल मीडिया पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ लोग इसे सही मान रहे हैं, तो कुछ इसे सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने वाला मान रहे हैं।हालांकि इस पोस्टर ने एक बहस को जन्म दिया है, लेकिन यह भी याद रखना चाहिए कि हमारे समाज में सभी धर्मों और आस्थाओं का समान सम्मान होना चाहिए।