देश के शिक्षित मुस्लिम नेता सैयद नसरुद्दीन चिश्ती ने वक्फ बिल में संशोधन की मांग की है। उनका कहना है कि इस संशोधन से वक्फ संपत्तियों में पारदर्शिता आएगी और इसका सही तरीके से उपयोग हो सकेगा। चिश्ती ने स्पष्ट किया कि वक्फ बिल में यह संशोधन किसी भी हालत में होगा, और यह “पत्थर की लकीर” बनकर रहेगा। उनका मानना है कि इस बदलाव से समाज में विश्वास और समानता

स्थापित होगी। वक्फ संपत्तियों का सही तरीके से प्रबंधन किया जा सकेगा, जिससे मुस्लिम समुदाय और समाज के अन्य हिस्सों को लाभ होगा।