भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान द्वारा मंडलकारा पाकुड़ के बंदियों का प्रोजेक्ट परिवर्तन के तहत 10 दिवसीय फास्ट फूड स्टॉल उद्यमी प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ जिसमें सफल बंदी प्रशिक्षुओं को उपायुक्त मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, राज्य निदेशक आर्सेटी पाकुड़ राजेश कुमार मिश्रा, मंडलकारापाल दिलीप कुमार, चिकित्सा पदाधिकारी एस के झा और वरिष्ठ संकाय सह कार्यक्रम समन्वयक अमित कुमार बर्धन ने संयुक्त रूप से प्रमाणपत्र दिए। बंदियों के बीच जिला प्रशासन ने फास्ट फूड मेकिंग पर एक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें सफल

प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। उपायुक्त ने बंदियों को कौशल प्रशिक्षण के महत्व के बारे में जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि कैदी कौशल प्रशिक्षण को प्राप्त कर अपना हुनर का विकास करें। उन्होंने विपणन की असीम संभावनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समाज में अच्छे कार्यों की असीम संभावनाएं हैं और इन्हें भी सजा समाप्ति के बाद मुख्यधारा से जुड़ने का पूरा अधिकार है।