उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (SSF) के जवानों को कानपुर मेट्रो की सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया है। लेकिन उन्हें ठहराने के लिए जो बिल्डिंग अलॉट की गई है, उसकी हालत इतनी जर्जर है कि नगर निगम ने पहले ही इसे खतरनाक घोषित कर दिया था। यह बिल्डिंग, जो SSF जवानों के ठहरने के लिए अलॉट की गई है, पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। दीवारों में दरारें, सीलिंग का गिरना, और असुरक्षित स्थिति इसे रहने के लिए बिलकुल उपयुक्त नहीं बनाती। नगर निगम ने इसे खतरनाक घोषित कर दिया है, फिर भी इसे जवानों के लिए ठहरने की जगह के रूप में चुना गया है। स्थानीय अधिकारियों और सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की असुरक्षित और जर्जर बिल्डिंग में जवानों को ठहराना उनकी सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है। कानपुर मेट्रो जैसी महत्वपूर्ण परियोजना

की सुरक्षा के लिए जो जवान जिम्मेदार हैं, उन्हें एक सुरक्षित और सुविधाजनक जगह पर रहने की आवश्यकता है। स्थानीय नागरिकों और राजनीतिक नेताओं ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि अगर सुरक्षा बलों को इस तरह के असुरक्षित माहौल में रखा जाएगा, तो यह सिर्फ उनकी सुरक्षा को ही नहीं, बल्कि मेट्रो की सुरक्षा को भी खतरे में डाल सकता है। इस मुद्दे पर अब प्रशासन को कड़ी कार्रवाई करने की आवश्यकता है। जवानों के लिए उचित और सुरक्षित आवास सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि वे अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह से निभा सकें।