विराट् दीप यज्ञ एवं 24 कुण्डीत गायत्री महायज्ञ में एक-एक अच्छाई ग्रहण करने एवं एक-एक बुराई व्यागने के साथ सम्पन्न हुआ उपरोक्त कार्यक्रम इस चार दिवसीय कार्यक्रम में (17 से २० मार्च 2025) शक्ति पीठ, बस्तकोला में तिल रखने की जगह नहीं मिल रहा था, सभी यज्ञशाला प्रवचन पण्डाल, भोजनालय तया शक्तिपीठ का प्रांगण पूरा भरा हुआ था। सभी उपस्थित लोगों ने पीले वस्त धारण किये हुए को शातिकुंज हरिद्वार से आये टोलीनायक गाणेश ने-बताया की सन् 1952 के शारदीय नवरात्र में पूज्य गुरुदेव ने अपने 24- 24 लाख वाले गायत्री महा मंत्र के जाप अनुष्ठान की पूणर्णाहुति की। पर इसके लिए दिव्य प्रभाव को जन-जन तक पवित्र बातावरण में पहुंचाने के लिए सन 1953 को गायत्री जयंती के अवसर पर 108 कुण्डीय गायत्री पर आयोजन रखा। गीता जयंती 1952 जिस दिन आदरणीय शैलबहनजी का जन्म हुआ ,उस भूमि की registry हुई। जिसे गुरुदेव ने अपनी निजी परिवारिक धनराशि से खरीदा था गायत्री तीर्थ निर्माण के लिए वंदनीया माताजी ने अपने गहने पूज्य गुरुदेव के चरणों में रख दिए और और बसंत पंचमी 1953 को इस भूमि का पूजन कर गायत्री मंदिर का निर्माण प्रारंभ कर दिया गया। इस गायत्री तीर्थ की पुण्य प्रगति के समाचारों अखंड ज्योति पत्रिका के पाठकों ने padhe ओर उन्होंने अपने-२ श्रधा सुमन भेजने प्रारंभ कर दिए, योजना के अनुसार पर केंद्र बनकर तैार हो गया और गायत्री जयती 1953 के शुभ अवसर पर उन्होंने गायत्री माता की प्राण प्रतिष्ठा की। इसक चौबिष दिन पूर्व उन्होंने विशेष तप प्रारंभ कर दिया था, जब उन्होंने मात्र गंगाजल लेकर सूर्य भगवान से प्राण शक्ति प्राप की इसे प्राण बाकि उपयोग उन्होने गायत्री माता की प्राण-प्रष्ठा हेतु किया।

गायत्री जयंती के अवसर संपन्न हुए, यज्ञ के आय ~ व्यय का ब्यौरा भी उन्होंने जुलाई की अखंड ज्योति पत्रिका में छाप दिया था। टोलीनापक ने कहा था- घर घर मे चित्र स्थापना तथा पत्रिका पहुचाने का संकल्प कराया था. कार्यक्रम के अंत मे शांति कुंज हरिद्वार से आए टोली नायक एवं उनके सहयोगी को बिदाई दी गई,साथ ही 2026 के माता जी के जन्म शताब्दी पर विराट यज्ञ की तैयारी के लिए क्रांतिकारी युवाओं को तैयार किया गया जो घर घर पुस्तक तथा गंगाजल एवं छोटे छोटे कार्यक्रम गाँव बाहर सेहर में कार्यरत रख कर लोगों को गायत्री मंत्र से जोड़ा जाएगा, इसके बाद विभिन्न नारों से शक्ति पीठ गूंज उठा नित्य सूर्य का ध्यान करेंगे अपने प्रतिमा prakhar करेंगे, युग निर्माण कैसे होगा व्यक्ती के निर्माण से, माँ का मस्तक ऊँचा होगा त्याग और बलिदान से ,नर और नारी एक समान , इक्कीसवी सदी उज्ज्वल भविष्य, नारियों जगो अपने को पहचानों, कार्यक्रम की सफलता hetu जिला मुख्य ट्रस्टी श्री bibhuti saran singh, संरक्षण ऐ. के गौतम, ट्रस्टी सुरेंद्र प्रसाद ,ट्रस्टी विनोद पटेल, जिला मीडिया प्रभारी भूपेंद्र शर्मा (अधिवक्ता)जिला युवा संगठन श्री विमल चाँद्र दास, विनोद कुमार saw,नरेश भट्ट, ममता सिंह ,दुलारी पाठक, नमिता Vishwakarma, जयश्री Vishwakarma, ब्रह्मादेव ,रश्मि कपिला, लता जैसवाल, जया सिंह, प्रदीप सिंह (सामुहिक विवाह adyakchh) उमा शर्मा, अशोक स्वर्णकार, मीरा सिंह, लता प्रसर, सीमा सिंह, सुमन ,शाकुंतलम देवी, अनुपामा सिंह, गुंजन शर्मा,किरण देवी ,कार्यक्रम के अंत मे शांति पाठ के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ. बस्ताकोला से नयन मोदक की रिपोर्ट