
समाहरणालय सभागार में उपायुक्त मनीष कुमार ने बुधवार को कालाजार उन्मूलन कार्यक्रम की निगरानी को लेकर गठित जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक की। पूर्व के वर्षों से लगातार जिले में कालाजार मरीजों की संख्या में कमी आयी है। जिले में आइआरएस एक्टिविटी स्वास्थ्य विभाग की ओर से आने वाले दिनों में चलाया जाएगा। इसके लिए टीम गठित कर ली गई है। टीम को छिड़काव संबंधित प्रशिक्षण दिया गया है। उपायुक्त ने कालाजार के मामलों को गंभीरता से मानीटरिंग करने को सम्बंधित अधिकारियों को कहा। पीकेडीएल मरीजों का संपूर्ण इलाज हो इसे सुनिश्चित करें। इससे घबड़ाने की जरूरत नहीं है। कालाजार मरीजों की गंभीरता से मानिटरिंग करें। कोशिश करें कि कोई छिपा हुआ मामला नहीं रहे। ताकि आगे जिले का प्रखंड कालाजार इन्डिमिक सिटी के मानचित्र में नहीं रहे। जिन्हें पंद्रह दिन से ज्यादा बुखार हो उन्हें चिन्हित कर सही उपचार उपलब्ध कराएं। कालाजार उन्मूलन अभियान के सफल संचालन में एमपीडब्ल्यू, सहिया, आंगनबाड़ी कर्मी, जलसहिया एवं जेएसएलपीएस की अहम भूमिका है। सभी से समन्वय स्थापित कर लोगों को कालाजार एवं इसके उपचार के प्रति जागरूक करें। आइआऱएस छिड़काव कार्य में राजस्व ग्राम प्रधानों के माध्यम से भी ग्रामीणो को जागरूक करने को कहा। उपायुक्त ने वीएल एवं पीकेडीएल मरीजों को दी जाने वाली राशि का भुगतान अविलंब करने को कहा। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को छिड़काव कार्यक्रम का चार्ट तैयार कर उपलब्ध कराने को कहा। ताकि जब टीम क्षेत्र में आइआरएस कीटनाशक छिड़काव के लिए जाए तो कोई परेशानी ना हो। यदि कार्य करने में कोई परेशानी हो तो तुरंत विभाग को सूचित करें। चार्ट पंचायत प्रतिनिधियों को भी उपलब्ध कराने को कहा। मौके पर सिविल सर्जन, जिला भीबीडी पदाधिकारी, उपाधीक्षक सदर अस्पताल एवं प्रखंडों के प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी समेत अन्य उपस्थित थे।