रात के अंधेरे में चमकते कोयले की कालिख, सन्नाटे में गूंजती मशीनों की आवाज़, और प्रशासन की चुप्पी! बाघमारा प्रखंड के ब्लॉक-02 स्थित केसरगढ़ में अवैध कोयला उत्खनन का धंधा अपने चरम पर है। पुलिस, प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन की नाक के नीचे कोयले का काला खेल जारी है, लेकिन कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं! 🚨 कौन चला रहा है यह रैकेट? सूत्र बताते हैं कि इस अवैध कारोबार के पीछे एक बड़ा गिरोह सक्रिय है, जो हर रात हजारों टन कोयला निकालकर तस्करी कर रहा है। बड़े-बड़े ट्रक कोयले से लदे निकलते हैं, लेकिन प्रशासन की नज़रें बंद रहती हैं। ❓ क्या CISF भी है शक के घेरे में? कोयला खदानों की सुरक्षा का जिम्मा CISF पर है, लेकिन उनकी मौजूदगी के बावजूद यह गोरखधंधा धड़ल्ले से चल रहा है।

क्या यह महज़ लापरवाही है, या फिर किसी बड़े खेल का हिस्सा? ⏳ कब तक चलेगा यह काला कारोबार? यह कोई पहली बार नहीं हो रहा। सालों से यह अवैध कारोबार चल रहा है, लेकिन न तो बीसीसीएल कोई एक्शन ले रही है, न ही प्रशासन। आखिर क्यों? क्या सच में कोई साजिश रची जा रही है, या फिर सबकी जेबें गर्म हो चुकी हैं? ⚠ कब जागेगा प्रशासन? अगर समय रहते इस अवैध कोयला तस्करी पर लगाम नहीं लगाई गई, तो यह इलाका अपराध का गढ़ बन सकता है! प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी होगी, वरना यह लापरवाही एक बड़े घोटाले का रूप ले सकती है। क्या बाघमारा की जनता को मिलेगा इंसाफ? क्या प्रशासन की चुप्पी टूटेगी? क्या इस काले कारोबार के असली गुनहगार सलाखों के पीछे जाएंगे? बने रहिए हमारे साथ, हम इस खबर पर अपनी पैनी नज़र बनाए रखेंगे! ❗ 📢 हम पूछते हैं – आखिर कब खत्म होगा यह काला खेल?