ज्ञान भारती मॉडल रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स, धनवा, हिसुआ के प्रांगण में शुक्रवार को काफी हर्षोलास के साथ वार्षिक समारोह का आयोजन किया गया। समारोह का उदघाटन जहानाबाद के पूर्व सांसद डॉ अरुण कुमार, निदेशक सुधीर कुमार, प्राचार्य गौतम कुमार, ज्ञान भारती नवीन नगर के प्राचार्य रवि शंकर, प्रबंधक उदय शंकर के द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। उन्होंने अपने उदघाटन में ज्ञान भारती के स्थापना के उद्देश्यों से लेकर उसके उपलब्धियों तक प्रकाश डाला। उन्होंने अपने उदघाटन भाषण में बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों को शिक्षा, कला, खेलकूद आदि सभी क्षेत्रों में अग्रणी रहने के लिए परिश्रम, अनुशासन व अभ्यास को अपने व्यवहार में शामिल करना चाहिए। समारोह को निदेशक सुधीर कुमार ने संबोधित करते हुऐ शिक्षा के विकास पर अपने प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाले। विद्यालय के प्राचार्य गौतम कुमार अपने स्वागत भाषण में सभी आगंतुकों का स्वागत किए तथा विद्यालय की उपलब्धियों पर प्रकाश डाले। कार्यक्रम के संचालन में प्रबंधक उदय शंकर और विजय शंकर काफी सक्रिय व महत्त्वपूर्ण भूमिका में रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में

राकेश रंजन, कुणाल कुमार, उप प्राचार्य साबिर हुसैन, वरीय शिक्षक अविनाश कुमार, जे पी सिंह, संतोष कुमार, मनोज कुमार व शिक्षिकाओं प्रियंका पांडेय, निभा शर्मा, ज्योति कुमारी, नीतू सिंह एवं अन्य शिक्षकों की भूमिका महत्त्वपूर्ण रही। सांस्कृतिक नृत्य” एक ज्ञान है तथा सईयां ” प्रस्तुत कर बच्चो ने दर्शकों का मन मोह लिया। मुख्य अतिथि डॉ॰ अरुण सिंह ने अपने संबोधन भाषण में ग्रामीण प्रतिभा पर बल दिया। स्वामी विवेकानंद, Apj अबुल कलाम से लेकर कल्पना चावला तक का उदाहरण देकर प्रतिभा के बल पर किस तरह विश्व का धरोहर बने। इन्होंने शिक्षा को सभ्यता से जोड़े रखने पर बल दिया। उन्होंने शिक्षा को मानवीय और मानवीय धर्मो से जोड़े रखने पर बल दिया। प्रस्तुत है आलोक वर्मा की रिपोर्ट नवादा से।