गुजरात हाईकोर्ट ने बेट द्वारका में गैरकानूनी धार्मिक अतिक्रमणों को वक्फ बोर्ड की संपत्ति बताने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया है।इन याचिकाओं में प्रशासन के द्वारा सरकारी जमीन पर स्थित मस्जिदों और दरगाहों को हटाए जाने की प्रक्रिया को चुनौती दी गई थी, लेकिन हाईकोर्ट ने इन सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया।हाई कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी, और सरकारी जमीन पर बने 12 गैरकानूनी धार्मिक अतिक्रमणों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। इन अतिक्रमणों को बुलडोजर से ध्वस्त किया गया। कुछ दिन पहले ही गुजरात के देवभूमि द्वारका जिले के समुद्री क्षेत्र में स्थित 21 निर्जन टापुओं में से 7 टापुओं को अवैध कब्जे से मुक्त किया गया था। इन टापुओं पर

कुल 36 धार्मिक और व्यावसायिक निर्माणों को हटाया गया। इन टापुओं में खारा चुसणा और मीठा चुसणा टापुओं पर 15 अवैध निर्माणों को पूरी तरह से ध्वस्त किया गया। प्रशासन की यह कार्रवाई समुद्री सुरक्षा के दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण है।गुजरात प्रशासन ने पिछले कई महीनों से अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई जारी रखी है, और अब तक कई एकड़ जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त करा लिया गया है।गुजरात के गृह मंत्री हर्ष सांघवी ने भी इन जमीनों के अवैध कब्जे से मुक्त होने के बारे में जानकारी दी थी।इस कार्रवाई से गुजरात सरकार की दृढ़ नीयत और कानून का पालन करने की प्रतिबद्धता स्पष्ट हो रही है।