कैमूर के चैनपुर में इस बार हर्षोलाल के हर्षू वंशी परिवार मनाएगा भूतों का सुप्रीम कोर्ट कहे जाने वाले हर्षूब्रह्म बाबा का 1008 वां जन्मोत्सव, भगवानपुर से चैनपुर निकाला जाएगा भव्य शोभा यात्रा, जिला राज्य एवं अन्य राज्यों से सैकड़ों संख्या में पहुंचकर लोग शोभा यात्रा में लेंगे भाग, जिसकी तैयारी को लेकर कमिटी तैयारी में जुटी सनातनियों से बढ़ चढ़ रही हिस्सा लेने का अपील. वहीं हर्षूवंशी परिवार कमिटी के संयोजक प्रकाश गौरव पांडे एवं आकाश पांडे ने बताया कि 108 ब्रह्म स्थानों में चैनपुर का पहला हरसू ब्रह्म पूरे भारत में 108 ब्रह्म स्थानों में से पहला हरसू है. 1428 ईवी के दौरान यहां राजा शालिवाहन की हुकूमत थी. हरसू पांडे राजा शालिवाहन के मंत्री और राजपुरोहित थे. राजा शालिवाहन को पुत्र की प्राप्ति नहीं हो रही थी. लिहाजा वे चिंतित रहते थे. उनके राजपुरोहित हरशु पांडे ने उन्हें दूसरी शादी का प्रस्ताव दिया. राजा की पहली पत्नी राजस्थान की थी. वहीं राजा की दूसरी पत्नी छत्तीसगढ़ की थी. शालिवाहन के दूसरी शादी करते ही उन्हे पुत्र की प्राप्ति हुई. मान्यताओं के मुताबिक राजपुरोहित ने तब जो नियम बताए थे, राजा ने तोड़ दिया था. राजा की पहली रानी के कहने पर राजा ने राजपुरोहित का घर जमींदोज कर दिया. गुस्से में आकर राजपुरोहित ने राजा के महल में 21 दिन आमरण अनशन पर बैठे. जनवरी 1914 ईस्वी में अपना

शरीर त्याग दिया. इसके बाद राजा शालिवाहन का पूरा राज पाठ खत्म हो गया, जिस जगह पर राजपुरोहित ने अपना शरीर त्याग किया था. वहीं, आज की तारीख में हरसू ब्रह्म का गर्भगृह है. तब से ही यहां भूत-प्रेत, संतानोत्पत्ति, पागलपन और कुष्ट सहित अन्य असाध्य बाधाओं से पीड़ित लोग शांति और निवारण के लिए यहां आते हैं. प्रेत बाधा पीड़ितों को हर सोमवार को व्रत रखना पड़ता है. हरसू ब्रह्म इस घोर कलिकाल में भगवान शंकर के साक्षात अवतार माने जाते हैं. मुगल शासन के अंत के बाद हरसू ब्रह्म धाम के बारे में प्रचार-प्रसार हुआ. जिसको लेकर शुक्ल पक्ष नवमी के दिन बाबा हरसू ब्रह्म का 1008 वां जन्मोत्सव मनाया जाएगा. भगवानपुर स्थित हर्षूवंशी मंदिर से शोभायात्रा निकाला जाएगा जो चैनपुर के हरशु ब्रह्मधाम मंदिर तक पहुंचेगी जहां हर्षू ब्रह्म बाबा की पूजा अर्चना करने के बाद कार्यक्रम का समापन किया जाएगा इस दौरान राज्य के एवं अन्य राज्य के लोग भी शोभायात्रा में भाग लेने पहुंचेंगे,इसके साथ ही सनातनियों से अपील रहेगा की बढ़-चढ़कर शोभायात्रा में भाग ले।