अजमेर के खानपुरा निवासी शरीफ खान और उनके बेटे अमन खान ने हिन्दू धर्म अपनाया और अब वे शुभम अग्रवाल और अमन अग्रवाल के नाम से जाने जाते हैं। उनका कहना है कि मौलवी ने उनके परिवार को बर्बाद कर दिया और मुस्लिम समाज से मदद की कोई उम्मीद नहीं थी। इस कारण, वे हिन्दू धर्म से प्रभावित होकर सनातन धर्म में शामिल हुए। शरीफ खान ने बताया कि मस्जिद के मौलवी ने उनकी पत्नी और बेटी को वश में कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करवाई,

जिससे उनका परिवार टूट गया। पंडित आनंद पुरोहित ने विधि विधान से उनका पुनः हिन्दू धर्म में स्वागत किया। यह मामला धर्म परिवर्तन और धार्मिक आस्थाओं के बीच एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। अब यह देखना होगा कि इस पर समाज और धर्मगुरुओं की क्या प्रतिक्रिया होती है।