उत्तराखंड से दिल्ली होते हुए केरल तक एक बड़े धर्मांतरण मामले का पर्दाफाश हुआ है। आरोप है कि कुछ संगठन पहाड़ की लड़कियों का ब्रेनवाश कर रहे थे, जिससे उनका धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, धर्मांतरण का यह पूरा षड्यंत्र तब उजागर हुआ जब कुछ लड़कियां अचानक धार्मिक विचारधारा में बदलाव करने लगीं। “पहले बोलती नहीं थी, अब बोलने लगी” के बयान के साथ इस मामले ने राजनीतिक और सामाजिक बहस को जन्म दिया है।

बजरंग दल ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए धर्मांतरण के आरोपियों को पकड़ने का दावा किया है, वहीं धामी पुलिस भी मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। इस घटना ने देवभूमि उत्तराखंड के डेमोग्राफी को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। कुछ नेताओं और संगठनों का कहना है कि यह एक सुनियोजित साजिश के तहत हो रहा है, जबकि कुछ इसे महज एक व्यक्तिगत मामला मानते हैं। पुलिस और स्थानीय प्रशासन अब इस मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं, जबकि यह विवाद धीरे-धीरे एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है।