बीजेपी यूथ प्रदेश मंत्री सह मुखिया प्रतिनिधि के घर बेटी ने लिया जन्म तो बैंड बाजा बजवाकर सम्मान के साथ बेटी का घर आने पर किया स्वागत,बाटी गई मिठाइयां,प्रतिनिधि बोलें बेटी है तो संसार है,बेटियों का करें सम्मान. एंकर – कैमूर से बड़ी खबर है जहां एक तरफ देश में कई लोग ऐसे हैं जो बेटी होने पर नाराजगी व्यक्त करते हैं और बेटी होने पर उसे मार देते हैं या फेंक देते हैं, लेकिन कैमूर जिला के चैनपुर प्रखण्ड के सिरबिट गांव में मुखिया के घर बेटी ने लिया जन्म तो उसे बैंड बाजे के साथ फूल माला से स्वागत कर लाया गया घर, इस खुशी में बाटी गई मिठाइयां, जहां इस नजारा को देखने के लिए उमड़ी लोगों की भीड़, मुखिया प्रतिनिधि ने कहा बेटी है तो संसार है अगर बेटी नहीं तो बहु कहां से लाओगे, इसलिए बेटियों को दें सम्मान और बेटी होने पर इसी तरह उसके स्वागत में खुशियां मनाए. बता दें कि चैनपुर प्रखण्ड के सिरबिट पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि सह भाजपा यूथ प्रदेश मंत्री वेदव्यास के पत्नी का ऑपरेशन के तहत पहला बार बच्ची ने उनके घर जन्म लिया,जिसके बाद इनके खुशी का ठिकाना ना रहा, हालांकि ऑपरेशन के बाद दोनों जच्चा बच्चा सुरक्षित

बताए गए हैं,जिसके बाद आज हॉस्पिटल से छुट्टी होने पर जैसे ही बच्ची को घर लाया गया तो उसके स्वागत के लिए पिता ने गाजा बाजा और फुल माला के साथ बच्ची और मां का स्वागत किए और पूरे गांव में मिठाइयां बांटी गई,जो कि एक अच्छी पहल है, वहीं सिरबिट गांव के मुखिया प्रतिनिधि सह भाजपा यूथ प्रदेश मंत्री वेदव्यास चौबे ने बताया कि जो बेटियां सम्मान देंगी वह बेटा नहीं दे पाएगा, इसलिए मैं जिला वासियों और देश वासियों से अपील करना चाहूंगा कि जब भी आपके घर बेटी जन्म ले तो खुशी खुशी उसका सम्मान करें,क्योंकि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी नारा है कि बेटियों का सम्मान,इसलिए बेटियों का सम्मान करें, क्योंकि एक बेटी से बहुत सारे परिवार हो जाते हैं अगर बेटी नहीं होगी तो बहु कहां से लाओगे और संसार कहां से बढ़ेगा, इसलिए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, और बेटी होने पर इसी तरह खुशियों से उसका सम्मान करें. मैं काफी खुश हूं कि मेरे घर पहली बार बेटी ने जन्म लिया है जिसके स्वागत के लिए और उसके सम्मान के लिए मैने बहुत ही पुख्ता इंतजाम किया है जहां बैंड बाजा और फूल के साथ अपने बेटी को सम्मान के साथ घर लाया हूं, क्योंकि बेटी साक्षात देवी का रूप होती हैं, इसलिए उसे खुशी खुशी स्वीकार करना चाहिए और हमेशा बेटियों का सम्मान करना चाहिए।