यह खबर झारखंड में सहारा इंडिया के निवेशकों को लेकर एक महत्वपूर्ण विकास को दर्शाती है। 11 दिसंबर 2024 को, विश्व भारतीय जनसेवा संस्थान के संघर्ष के परिणामस्वरूप, झारखंड के महामहिम राज्यपाल ने सहारा पीड़ितों के मुद्दे को गजट में शामिल किया। गजट के 11 नंबर और 12 नंबर में राज्यपाल ने स्पष्ट रूप से कहा कि सहारा इंडिया के निवेशकों की लड़ाई सर्वोच्च न्यायालय से लेकर राज्य के हर न्यायालय और संसद से लेकर सड़क तक हर स्तर पर लड़ी जाएगी, जब तक राज्य के सभी निवेशकों को उनका पूरा भुगतान नहीं मिल जाता। इसके अलावा, जिन सहारा पीड़ितों ने वित्तीय संकट या मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या की, उनके परिवारों को सरकारी स्तर पर आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाएगा। यह कदम सहारा निवेशकों के लिए एक बड़ी राहत हो सकता है, जो कई वर्षों से अपने पैसे लौटने का इंतजार कर रहे थे और कई बार मानसिक और शारीरिक तनाव का सामना कर रहे थे।
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झारखण्ड में सहारा पीड़ितों का मुद्दा राज्यपाल ने गजट में लिया
