अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति ने शपथ लेने से पहले ही अपनी नई चेतावनी से भारत की चिंता बढ़ा दी है। उन्होंने ब्रिक्स देशों को खुली धमकी देते हुए कहा कि अगर अमेरिकी डॉलर को कमजोर करने या उसे बदलने का प्रयास किया गया तो वह इन देशों पर 100% टैरिफ लगा देंगे। गौरतलब है कि ब्रिक्स नौ देशों का समूह है, जिसमें भारत भी शामिल है।

भारत के इलावा समूह में चीन, रूस, दक्षिण अफ्रीका, ईरान, मिस्र, इथियोपिया और संयुक्त अरब अमीरात सदस्य देश हैं। 2009 में गठित ब्रिक्स एकमात्र प्रमुख अंतरराष्ट्रीय समूह है, जिसका संयुक्त राज्य अमेरिका हिस्सा नहीं है। हाल के वर्षों में इसके कुछ सदस्य देश, विशेष रूप से रूस और चीन, अमेरिकी डॉलर का विकल्प तलाश रहे हैं या अपनी खुद की ब्रिक्स करेंसी बनाना चाहते हैं। भारत अब तक इस कदम का हिस्सा नहीं रहा है।