लगातार नगर परिषद विवाद का केन्द्र बन गया है,हर चौक चौराहों पर लोग सिर्फ नगर परिषद की बातें करते नजर आते हैं,ताजा उदाहरण सफाई कर्मचारी को लेकर सामने आया है जहां सैकड़ों की संख्या में सफाईकर्मी नगर परिषद कार्यालय में धरना पर बैठ गए, सफाई कर्मचारी ने कहा कि हमलोग भुखमरी के कगार पर आ गए हैं, हमें कोई देखने वाला नहीं है, हमारी मजदूरी काट ली जाती है, वाजिब मजदूरी मिलना तों दूर की बात हमें उचित सम्मान भी नहीं मिल पाता है, आखिर हमलोग अपना जीवन यापन कैसे करें,जब हमारे मिडिया ने नगर परिषद में कार्यरत मोनिका कुमारी से सफाईकर्मीयो की लिस्ट मांगी गई तों उन्होंने कहा कि हमारे पास कोई लिस्ट नहीं है,
जबकि सफाईकर्मीयो ने बताया कि 120 लोगों का यहां नाम है और मात्र हमलोगों को बीस दिन काम दिया जाता है, मजदूरी की बात करें तो सफाईकर्मीयो को मात्र 270 रूपया मिलता है जबकि सरकार की ओर प्रत्येक माह लगभग सतरह लाख रुपए दिए जाते हैं तों सफाईकर्मी को उनका वाजिब मजदूरी क्यूं नहीं दिया जा रहा है, समाजसेवी गौरव सिंह राठौड़ एवं वार्ड पार्षद सुनिल यादव क्या कुछ कह रहें सुने पुरी खबर।