एंजल्स हाई स्कूल, डीपीएस और लिटिल एंजल्स का पैरेंट्स नाइट-2026 बना यादगार
1148 विद्यार्थियों की प्रतिभा से सजी सांस्कृतिक संध्या, अंतर्राष्ट्रीय रंगों में दिखा ‘लघु भारत
96×44 फीट के विशाल मंच पर 14 भव्य प्रस्तुतियों ने मोहा मन, भारतीय संस्कृति से लेकर अंतरराष्ट्रीय नृत्य विधाओं तक बच्चों ने बिखेरी प्रतिभा की चमक
गुलाबी ठंड की सुहानी शाम, खुले आसमान के नीचे गोधूलि की बेला और रोशनी से जगमगाता विशाल मंच…। संगीत की मधुर स्वर लहरियों, मनमोहक नृत्य की थिरकन और नन्हे-मुन्ने कलाकारों की अद्भुत प्रस्तुतियों के बीच हजारीबाग का डीपीएस स्कूल मैदान गुरुवार की शाम सांस्कृतिक विविधताओं के एक अनुपम संगम का साक्षी बना। अवसर था एंजल्स हाई स्कूल, दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), शंकरपुर और लिटिल एंजल्स स्कूल, इमलीकोठी के संयुक्त आयोजन ‘पैरेंट्स नाइट-2026’ का। इस भव्य आयोजन में भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत के साथ विश्व की विभिन्न सांस्कृतिक एवं नृत्य विधाओं की ऐसी मनोहारी झलक देखने को मिली, मानो एक ही मंच पर पूरा लघु भारत साकार हो उठा हो।
शाम पांच बजे दीप प्रज्वलन के साथ आरंभ हुई सांस्कृतिक संध्या रात नौ बजे तक अनवरत चलती रही।
लगभग 96×44 फीट के विशाल मंच को अत्याधुनिक प्रकाश व्यवस्था, डिजिटल तकनीक और उच्च गुणवत्ता वाली ध्वनि प्रणाली से सुसज्जित किया गया था। तीनों विद्यालयों के कुल 1148 विद्यार्थियों ने 14 विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा, अनुशासन, रचनात्मकता और कलात्मक कौशल का अद्भुत परिचय दिया। प्रत्येक प्रस्तुति में बच्चों की मेहनत, आत्मविश्वास और प्रशिक्षकों के समर्पण की स्पष्ट झलक दिखाई दी। दर्शक कभी तालियों से परिसर गुंजायमान करते रहे तो कभी भावविभोर होकर प्रस्तुतियों का आनंद लेते नजर आए।

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। बतौर मुख्य अतिथि हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल, राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक सह डीएवी के पूर्व प्राचार्य अशोक कुमार और एंजल्स हाई स्कूल की निदेशिका निशा जायसवाल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।इसके पश्चात गणेश वंदना की पावन प्रस्तुति ने सांस्कृतिक संध्या का मंगलमय आगाज किया। इसके बाद एक के बाद एक ऐसी प्रस्तुतियों का सिलसिला शुरू हुआ, जिसने भारतीय परंपरा, सामाजिक संवेदना, देशभक्ति और वैश्विक संस्कृति के विविध रंगों को मंच पर जीवंत कर दिया।
‘लिटिल ग्रोवर्स’ प्रस्तुति में नर्सरी से लेकर दूसरी कक्षा तक के नन्हे विद्यार्थियों ने आकर्षक वेशभूषा और मनमोहक नृत्य से दर्शकों का दिल जीत लिया। वहीं ‘ग्रेस ऑफ इंडिया- क्लासिकल’ के माध्यम से देश की समृद्ध शास्त्रीय नृत्य परंपरा, विशेषकर कथक की भाव-भंगिमाओं और लयबद्धता को अत्यंत सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया गया। इस प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि आधुनिकता और चकाचौंध के बीच भी भारतीय शास्त्रीय कलाओं की गरिमा और प्रासंगिकता अक्षुण्ण है।
‘फ्रॉम साइलेंस टू स्ट्रेंथ- नारी सम्मान’ के माध्यम से समाज में महिलाओं के संघर्ष, आत्मसम्मान, साहस और सशक्तीकरण की गाथा को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया गया। प्रस्तुति ने दर्शकों को यह सोचने पर विवश किया कि नारी का सम्मान केवल शब्दों में नहीं, बल्कि व्यवहार और सामाजिक व्यवस्था में भी प्रतिबिंबित होना चाहिए। ‘बैक टू द 80ज- रेट्रो फीवर’ में अस्सी के दशक के लोकप्रिय गीतों की धुन पर विद्यार्थियों ने मनोहारी नृत्य प्रस्तुत कर पुरानी यादों को ताजा कर दिया। वहीं ‘कृष्णा- द डिवाइन मेलोडी’ में भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप, गोवर्धन पर्वत धारण करने की लीला, रासलीला और श्रीमद्भगवद्गीता के दिव्य संदेश को नाट्य रूपांतरण के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। मंच पर साकार हुई कृष्णलीला ने आध्यात्मिक वातावरण का ऐसा सृजन किया कि दर्शक मंत्रमुग्ध हो उठे।
संगीत, शक्ति, राष्ट्रभक्ति और विश्व संस्कृति का दिखा अद्भुत समागमन
‘स प्रस्तुति ने समाज को संवेदनशीलता, समानता और मानवीय सम्मान का संदेश दिया।
