प्रसव के बाद एक महिला की मौत को लेकर रानीगंज के बीएन अग्रवाल अस्पताल में गुरुवार को जमकर हंगामा हुआ। चिकित्सा में लापरवाही का आरोप लगाते हुए आदिवासी समाज के लोगों ने अस्पताल के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया। बाद में रानीगंज के 14 नंबर राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर न्याय की मांग की। इस दौरान मृतका की छह वर्षीय बेटी भी सड़क पर उतर आई और रोते हुए मां के लिए न्याय की गुहार लगाई। अस्पताल प्रबंधन के साथ बातचीत के बाद परिवार को 22 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के आश्वासन पर आंदोलन और सड़क जाम समाप्त हुआ। परिजनों के अनुसार, जामुड़िया के धासना गांव निवासी 29 वर्षीय मोनिका मुर्मू को मंगलवार को

अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बुधवार को शल्य चिकित्सा से उन्होंने बेटी को जन्म दिया। परिवार का आरोप है कि बाद में रक्त की आवश्यकता बताई गई और हालत बिगड़ने पर दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई। दुर्गापुर ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। सूचना मिलने पर पुलिस और केंद्रीय बल मौके पर पहुंचे। बाद में अस्पताल प्रबंधन और आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई। प्राप्त जानकारी अनुसार, प्रबंधन ने परिवार को 22 लाख रुपये देने का आश्वासन दिया है। इसमें दो लाख रुपये तत्काल दिए गए, जबकि शेष 20 लाख रुपये दो किस्तों में देने की बात कही गई। लिखित समझौते के बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया। हालांकि, आर्थिक सहायता के आश्वासन के बावजूद चिकित्सा में लापरवाही के आरोपों की निष्पक्ष जांच और मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाना अब भी जरूरी है।
