सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने और आर्थिक तंगी के कारण किसी की जान नहीं जाए, इसके लिए सरकार ने राहत देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है. जिसमें प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को डेढ़ लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा देने का प्रावधान बताया गया है. इस योजना के तहत पात्र घायल व्यक्ति को दुर्घटना के बाद सात दिनों तक इलाज की सुविधा मिल सकती है,इसका उद्देश्य दुर्घटना के बाद शुरुआती महत्वपूर्ण समय यानी गोल्डन आवर में मरीज को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। इस संबंध में जानकारी देते हुए कैमूर जिला परिवहन पदाधिकारी ललित राही ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को आर्थिक परेशानी के कारण इलाज से वंचित नहीं होना पड़े, इसके लिए सरकार की ओर से नई व्यवस्था की गई है.उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को डेढ़ लाख रुपये तक की सहायता से इलाज कराने की सुविधा मिलेगी.इससे दुर्घटना के बाद गंभीर रूप से घायल लोगों को समय पर अस्पताल पहुंचाकर इलाज शुरू कराने में मदद मिलेगी। जिला परिवहन पदाधिकारी ने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद शुरुआती समय मरीज के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है.इसे गोल्डन आवर कहा जाता है. इस दौरान घायल व्यक्ति को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना और उपचार शुरू कराना जरूरी है. कई बार आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिजन इलाज कराने में देरी कर देते हैं, जिससे मरीज की स्थिति गंभीर हो जाती है. ऐसे में कैशलेस इलाज की सुविधा जरूरतमंद परिवारों के लिए काफी मददगार साबित हो सकती है।

उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को परिवहन विभाग की ओर से पहले से ही दो लाख रुपये की सहायता राशि दिए जाने का प्रावधान रहा है।अब घायलों के इलाज के लिए भी सरकार की नई पहल से राहत मिलने की उम्मीद है, इस व्यवस्था से दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल में इलाज कराने के लिए तत्काल पैसों की चिंता कम होगी। ललित राही ने कहा कि इस योजना का लाभ विशेष रूप से गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को मिल सकता है, अक्सर सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने के बाद इलाज के खर्च की चिंता परिजनों को सताने लगती है.कई परिवारों के पास तत्काल इलाज के लिए पर्याप्त पैसे नहीं होते. ऐसी स्थिति में कैशलेस इलाज की व्यवस्था मरीज और उसके परिजनों के लिए बड़ी राहत बन सकती है,
उन्होंने लोगों से अपील की कि सड़क दुर्घटना होने पर घायल व्यक्ति को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाएं और इलाज में देरी न करें, दुर्घटना के समय घायल की मदद करना और समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है,सरकार की इस पहल का उद्देश्य सड़क हादसों में होने वाली मौतों को कम करना और घायलों को समय पर बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है। केंद्र सरकार की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पीएम योजना के तहत पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ित को अधिकतम सात दिनों के लिए ₹1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज मिलता है। यह सुविधा निर्धारित अस्पतालों में उपलब्ध है.इसके लिए आयुष्मान कार्ड होना अनिवार्य नहीं है,दुर्घटना के बाद सहायता के लिए 112 हेल्पलाइन पर भी संपर्क किया जा सकता है।
