मन चंगा, तो झरिया में गंगा,ये सिद्ध किया महापौर जी ने।
जी हां,झरिया का ऐतिहासिक और सबसे पुराना राजा तालाब कल शाम एक अद्भुत और अलौकिक भक्तिमय रंग में सराबोर नजर आया। बनारस के प्रसिद्ध गंगा घाट की तर्ज पर यहाँ एक भव्य महाआरती का आयोजन किया गया था। हजारों श्रद्धालुओं की भीड़, महाआरती के दीपों की जगमगाहट और गूंजते मंत्रोच्चार ने पूरे कोयलांचल को एक नई आध्यात्मिक अनुभूति से भर दिया।

इस भव्य महाआरती में झरिया की वर्तमान विधायक श्रीमती रागिनी सिंह और धनबाद के वर्तमान महापौर श्री संजीव सिंह मुख्य रूप से अग्रिम पंक्ति में नजर आए। राजा तालाब के इस ऐतिहासिक कायाकल्प और धार्मिक समागम पर दोनों ही जनप्रतिनिधि बेहद उत्साहित दिखे। इनके अलावा क्षेत्र के कई पूर्व विधायक और पूर्व सांसद भी इस मंच की शोभा बढ़ाते नजर आए।
झरिया का राजा तालाब सिर्फ एक जलस्रोत नहीं, बल्कि यहाँ की प्राचीन धरोहर और जन-भावनाओं का प्रतीक है। बनारस की तर्ज पर शुरू हुई इस महाआरती को स्थानीय लोग झरिया के सांस्कृतिक पुनरुत्थान के रूप में देख रहे हैं।
प्रस्तुत है पंकज सिंहा की रिपोर्ट झरिया से।

