विभावि का युवा महोत्सव ‘झूमर-2026’ 12 से 14 दिसंबर तक होगा आयोजित |

विभावि कला एवं संस्कृति परिषद की बैठक आयोजित

युवा महोत्सव ‘झूमर-2026’ का आयोजन 12 से 14 दिसंबर को

NEP 2020 के अनुसार कला एवं संस्कृति शिक्षा का अभिन्न अंग: कुलपति प्रो चंद्र भूषण शर्मा

विनोबा भावे विश्वविद्यालय के अंतर्महाविद्यालयी युवा महोत्सव “झूमर” का आयोजन 12 से 14 दिसंबर 2026 को होगा। इसकी मेजबानी स्नातकोत्तर कला एवं संस्कृति परिषद, विभावि करेगी। सह-मेजबानी का दायित्व अन्नदा महाविद्यालय, हजारीबाग पर होगा। उक्त निर्णय शनिवार को आर्यभट्ट सभागार में आयोजित विश्वविद्यालय कला एवं संस्कृति परिषद की बैठक में लिया गया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. चंद्र भूषण शर्मा ने बताया कि नई शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत कला एवं संस्कृति अब शिक्षा का एक अभिन्न अंग है। पहले की तरह इसे पाठ्यक्रमेतर (Extracurricular) विषय समझने का भेद खत्म कर दिया गया है।

उन्होंने जेन जी (Gen Z) की चर्चा करते हुए बताया कि कला-संस्कृति और खेलकूद में इन्हें रचनात्मक तरीके से सम्मिलित किया जा सकता है। इससे उनकी ऊर्जा को सकारात्मक कार्यों में लगाया जा सकेगा।

कुलपति ने बताया कि कला-संस्कृति और खेलकूद भी करियर के विकल्प हैं। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों के ऐसे कार्यकलापों में बजट की कमी नहीं होगी। उन्होंने शिक्षकों की भूमिका रेखांकित करते हुए बताया कि यह तभी संभव होगा जब शिक्षक आगे आएंगे।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षक होना कोई नौकरी या पेशा नहीं हो सकता। यह एक सेवा (service) है। उन्होंने कहा कि हम भाग्यशाली हैं कि हम शिक्षक हैं और हमें बच्चों की सेवा करने का अवसर मिला है। इन बच्चों की सेवा अंततः ईश्वर की ही सेवा है।

बैठक में सर्वप्रथम पिछले वर्ष के कार्यवृत्त को अनुमोदित किया गया। तत्पश्चात छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष डॉ. विकास कुमार ने वर्ष 2025-26 का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष कला-संस्कृति के कार्यों में डॉ. जॉनी रुफिना तिर्की, श्रीमती अर्चना रीना धान एवं सहायक श्री सोनू कुमार की भूमिका अत्यंत प्रशंसनीय थी।

युवा महोत्सव से संबंधित प्रतिभागियों, प्रशिक्षकों, निर्णायकों तथा प्रबंधकों आदि के दैनिक भत्ते तथा सम्मान राशि की समीक्षा की गई। वर्ष 2026-27 के लिए कुल 50 लाख 28 हजार के अनुमानित व्यय के प्रस्ताव को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान करते हुए वित्त समिति में अनुमोदन हेतु भेजने का प्रस्ताव लिया गया।

बैठक का संचालन डॉ. जॉनी रुफिना तिर्की तथा धन्यवाद ज्ञापन स्नातकोत्तर कला एवं संस्कृति समिति के अध्यक्ष डॉ. एस. जेड. हक ने किया। बैठक में संकायाध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार अग्रवाल तथा डॉ. इंद्रजीत कुमार, सीसीडीसी प्रो. मिथिलेश कुमार सिंह, कुलसचिव श्री सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा, वित्त पदाधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार पॉल के अलावा अच्छी संख्या में महाविद्यालयों के प्राचार्य तथा शिक्षक उपस्थित हुए। बैठक को सफल बनाने में श्री बालेश्वर राम तथा श्री सोनू कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।