एनटीपीसी प्रस्तावित सीबी साउथ कोल ब्लॉक परियोजना के विरोध में 11 गांवों के रैयतों ने 29 अक्टूबर 2026 को सीकरी स्थित एनटीपीसी के साइट ऑफिस पहुंचकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई और चट्टी बरियातु कोयला खनन परियोजना के उप प्रबंधक नील माधव स्वान और विजय किशोर को आपत्ति पत्र सौंपा।रैयतों ने प्रस्तावित कोयला परियोजना से उनकी जमीन, घर,आजीविका, संस्कृति और पारंपरिक पहचान पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को लेकर चिंता व्यक्त की। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी जमीन केवल संपत्ति नहीं, बल्कि उनकी आजीविका, परंपराओं और सामाजिक पहचान का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे में परियोजना के संभावित प्रभावों को लेकर वे अपनी चिंताओं और मांगों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाना चाहते हैं। इस दौरान

रैयतों ने अपने अधिकारों और जमीन की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को अधिकारियों के समक्ष रखा। उन्होंने अपनी मांगों और आपत्तियों पर गंभीरता से विचार करने तथा प्रभावित होने की आशंका वाले ग्रामीणों के हितों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। ग्रामीणों ने कहा कि परियोजना का दायित्व है की विकास कार्यों के दौरान स्थानीय समुदायों की चिंताओं, अधिकारों और आजीविका से जुड़े पहलुओं पर भी उचित ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होने कहा कि, जमीन से जुड़ा मुद्दा केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व भी रखता है। आपत्ति पत्र सौंपने की यह पहल ग्रामीणों द्वारा अपनी बात शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई। 11 गांव के प्रतिनिधि में बालेश्वर कुमार,जगदीश सिंह, सुरेश साव,पंकज साहा, गुरदयाल साव ,अमेरिका महतो, रविंद्र गुप्ता, रामेश्वर साव, लियाकत अंसारी, सुभानी मियां, रेशमा परवीन, बसंत साव, शंकर साहा समेत दर्जनों ग्रामीण थे।
