हजारीबाग जिले के बरही थाना क्षेत्र में मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं का पुलिस ने खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी की चार मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। गिरफ्तार आरोपी की पहचान चतरा जिले के इटखोरी थाना क्षेत्र के महुदा गांव निवासी करीब 36 वर्षीय कोसार अंसारी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, क्षेत्र में लगातार हो रही मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं को देखते हुए बरही के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था। पुलिस टीम को चोरी की घटनाओं का उद्भेदन करने और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए निर्देश दिया गया था। इसके बाद पुलिस ने सूचना संकलन, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच तेज की। 25 अक्टूबर को दिवा गश्ती के दौरान पुलिस टीम वाहनों की जांच कर रही थी। इसी क्रम में करसो पुल के पास सुबह करीब 10:30 बजे बिना नंबर प्लेट की एक मोटरसाइकिल को रोका गया। वाहन चालक से कागजात मांगे जाने पर वह कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका और संतोषजनक जवाब भी नहीं दे पाया। इसके बाद पुलिस मोटरसाइकिल सहित उसे थाना ले आई। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार किया। उसकी

निशानदेही पर इटखोरी थाना क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से चोरी की तीन अन्य मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। इस प्रकार पुलिस ने कुल चार मोटरसाइकिलें जब्त की हैं। चोरी के दो मामलों का भी खुलासा पुलिस ने बताया कि बरही थाना कांड संख्या 07/26 और 373/26 के तहत दर्ज मोटरसाइकिल चोरी के मामलों में भी बरामद वाहनों का सत्यापन किया गया है। बरामद वाहनों में दो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल, एक पैशन प्रो और एक अन्य स्प्लेंडर प्लस शामिल हैं। इनके पंजीकरण नंबर क्रमशः जेएच12एम-4536, जेएच12पी-4511, जेएच02ई-4468 और जेएच12ई-2987 बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार, इस घटना में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान भी की जा रही है। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मोटरसाइकिल चोरी की अन्य घटनाओं में भी गिरफ्तार आरोपी की संलिप्तता की जांच की जा रही है। विशेष टीम ने की कार्रवाई इस कार्रवाई में बरही के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रियाज प्रेम किशोर, थाना प्रभारी विनोद कुमार सहित पुलिस टीम के अन्य सदस्यों और सशस्त्र बल की भूमिका रही। पुलिस ने बताया कि वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जांच और गश्ती अभियान आगे भी जारी रहेगा।
