विजयादशमी के पावन अवसर पर मंगलवार को सत्य सनातन संस्था की ओर से नगर के अन्नपूर्णा कॉलोनी स्थित हनुमान मंदिर परिसर में मां काली मंदिर में पारंपरिक शस्त्र पूजन का आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और हवन के बीच विधि-विधान से धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के सचिव चंदन प्रकाश ने की, जबकि संस्था के संपर्क प्रमुख सह पुरोहित रोहित दास ने पूजा संपन्न कराई। कार्यक्रम में संस्था के जिला अध्यक्ष हर्ष भगत, भागीरथ तिवारी, कालीचरण घोष, मिंटू गिरी, गौतम कुमार और अजय भगत यजमान के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर संस्था के अभिभावक सह संरक्षक डॉ. मनोहर कुमार ने कहा कि सत्य सनातन संस्था पिछले छह वर्षों से शस्त्र पूजन की वैदिक परंपरा का निर्वहन कर रही है। उन्होंने कहा कि वैदिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने में संस्था का प्रयास सराहनीय है। शस्त्र और शास्त्र सनातन संस्कृति की महत्वपूर्ण धरोहर हैं। भगवान परशुराम, भगवान श्रीराम और हनुमान जी के प्रसंग धर्म की रक्षा तथा अधर्म पर विजय का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सनातनी

को अपनी संस्कृति, धर्म और आत्मरक्षा के महत्व को समझना चाहिए। अहिंसा सनातन धर्म का महत्वपूर्ण सिद्धांत है, लेकिन धर्म और निर्दोष लोगों की रक्षा के लिए साहस, संयम और कर्तव्यबोध भी आवश्यक हैं। उन्होंने “अहिंसा परमो धर्मः, धर्म हिंसा तथैव च” का उल्लेख करते हुए धर्म की रक्षा के लिए एकजुट रहने और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति जागरूक बनने का आह्वान किया। वहीं, भागीरथ तिवारी ने कहा कि सनातन संस्कृति में देवी-देवताओं के विभिन्न स्वरूपों में शस्त्र धारण करना धर्म की रक्षा और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का प्रतीक है। उन्होंने समाज के लोगों से अपनी संस्कृति और धार्मिक परंपराओं की सही जानकारी रखने तथा इनके संरक्षण के प्रति जागरूक रहने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने शस्त्र पूजन कर इस परंपरा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर संस्था के अभिभावक सह संरक्षक नवीन सिंह एवं विजय चांद चौधरी, सचिव चंदन प्रकाश, संयुक्त सचिव अजय भगत, उपाध्यक्ष गौतम कुमार, विशाल भगत, रवि भगत, मुन्ना शर्मा, विक्की रजक, राजेश तिवारी, मिंटू गिरी, विजय प्रमाणिक और सत्यम कृष्णा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

