विजयादशमी पर रेलवे मैदान स्थित दुर्गा पूजा पंडाल में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ शस्त्र पूजन किया गया। राणा शुक्ला एवं संतोष कुमार ठाकुर के सानिध्य में पुरोहित सजल चटर्जी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए। इस दौरान तिलक लगाकर और रक्षा सूत्र बांधकर शस्त्र पूजन की परंपरा निभाई गई। शस्त्र पूजन के महत्व पर विचार रखते हुए संजय कुमार ओझा ने कहा कि विजयादशमी भारतीय संस्कृति में सत्य, धर्म और न्याय की विजय का प्रतीक है। इस अवसर पर अस्त्र-शस्त्र पूजन की परंपरा शौर्य, साहस, अनुशासन और कर्तव्य के प्रति समर्पण का संदेश देती है। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता अनिकेत

गोस्वामी ने शस्त्र पूजन के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए आत्मरक्षा और सुरक्षा के प्रति जागरूकता की आवश्यकता पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में हिसाबी राय, मिथिलेश कुमार ठाकुर, दामिनी कुमारी, आद्या राय, आदिति राय, मिठू भगत, दीपक साहा, पीयूष दुबे, अविनाश पंडित, मोनी कुमार सिंह, लाल्टू भौमिक, विजय कुमार राय, संजीत मुखर्जी, कुमार विकास, संतलाल मंडल, अजय माल, राजेश डोकानियां, धर्मेंद्र साहा, पंकज यादव, अनिल साहू, सुजीत कुमार, राजीव यादव, प्रदीप शर्मा, रणजीत राम, अभिषेक कुमार, रतुल सहित दर्जनों श्रद्धालु उपस्थित थे।

