पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। खैबर पख्तूनख्वा समेत कई इलाकों में इमरान समर्थकों और पुलिस के बीच टकराव की खबरें सामने आ रही हैं। हालात ऐसे हैं कि कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने में पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। दरअसल, इमरान खान की पार्टी PTI के समर्थक उनकी रिहाई की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इसी बीच खैबर पख्तूनख्वा में आपातकाल और राज्यपाल शासन से जुड़े फैसलों ने सियासी विवाद को और हवा दे दी है। समर्थकों ने इन फैसलों को चुनौती देते हुए अदालत का दरवाजा भी खटखटाया है। दूसरी तरफ, प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए

पुलिस की कार्रवाई और कथित फायरिंग को लेकर तनाव बढ़ने की खबरें हैं। इमरान समर्थकों का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है, वहीं सरकार के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है। पाकिस्तान पहले से ही आर्थिक संकट और क्षेत्रीय तनाव जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में इमरान खान की रिहाई को लेकर जारी यह सियासी संघर्ष शहबाज शरीफ सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बनता नजर आ रहा है। अब सवाल यह है कि क्या पाकिस्तान में सियासी टकराव बातचीत से सुलझेगा, या हालात और ज्यादा बिगड़ेंगे?