जिला क्रिकेट संघ की कार्यशैली को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। सोमवार को जिला स्टेडियम मैदान में तीन सदस्यों ने प्रेस को संबोधित करते हुए संघ पर मनमानी और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। संघ के सदस्य अर्जुन सिंह ने हाथ में जेएससीए (JSCA) की तर्ज पर छपी एक बुकलेट दिखाते हुए कहा कि जब से पाकुड़ जिला संघ बना है, तब से कुछ ही लोग ट्रेजरर और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर जमे हुए हैं। न कभी सालाना आम बैठक (AGM) बुलाई गई और न ही आय-व्यय का हिसाब सार्वजनिक किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले के क्रिकेट ग्राउंड की स्थिति बदहाल है। सिर्फ मिट्टी भरकर एक पिच बना दी गई है। बच्चों के लिए कोई सुविधा नहीं है। अंडर-14 मैच के दौरान सिर्फ पानी पिलाकर खानापूर्ति की गई। सबसे बड़ा आरोप फीस वसूली

को लेकर है। अर्जुन के अनुसार, रजिस्ट्रेशन के नाम पर हर बच्चे से पैसे लिए गए, लेकिन किसी को रसीद नहीं दी गई। संघ का काम सिर्फ टाउन तक सीमित है, प्रखंड स्तर पर क्रिकेट के विकास के लिए कुछ नहीं किया जा रहा। सदस्यों ने वर्तमान कमेटी को तुरंत भंग किया जाने, पिछले सभी वर्षों के फंड और खर्च की जांच कराए जाने, हर साल AGM बुलाकर JCA की तरह बुकलेट के माध्यम से हिसाब-किताब सार्वजनिक किए जाने, पारदर्शी तरीके से नए सिरे से चुनाव कराकर संघ का पुनर्गठन कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही बैठक बुलाकर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई तो वे एसपी और उपायुक्त से मिलेंगे और जरूरत पड़ी तो रांची स्थित जेएससीए मुख्यालय तक शिकायत लेकर जाएंगे। आरोप के बाबत पीडीएसए के गणपत सिंह ने कहा कि सारे आरोप बेबुनियाद है, वहीं सचिव प्रणय तिवारी ने प्रेसवार्ता बुलाने की बात कही।
