बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया। गुरुवार को पुणे ग्रामीण के डोंजे गांव में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने मुखाग्नि दी। उनके निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई। नाना पाटेकर ने हिंदी और मराठी सिनेमा के साथ थिएटर में भी अपनी अलग पहचान बनाई। ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अग्निपथ’, ‘अब तक छप्पन’ और ‘नटसम्राट’ जैसी

फिल्मों में उनके अभिनय को खूब सराहा गया। उन्हें तीन बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। भारत सरकार ने उन्हें पद्म श्री भी प्रदान किया था। नाना पाटेकर अभिनय के अलावा सामाजिक कार्यों और किसानों की मदद के लिए भी जाने जाते थे। सेना से भी उनका खास जुड़ाव रहा। उनके जाने से भारतीय सिनेमा ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया, जिनकी दमदार अदाकारी और अनोखी शैली हमेशा याद की जाएगी।