बायपास रोड भभुआ-अखलाशपुर मुख्य सड़क के दक्षिण तरफ सामने वाली गली में पसरी ईंटों की टुकड़ी, जलजमाव और कीचड़ ने स्कूली बच्चों की परेशानी बढ़ा दी है। कैमूर जिले के भभुआ शहर स्थित अखलाशपुर में संचालित मदर शकुंतला पब्लिक स्कूल जाने वाले मासूम छात्र-छात्राओं की दिनचर्या इन दिनों पढ़ाई से ज्यादा इस दुर्गम रास्ते की जंग जीतने में बीत रही है। सड़क से महज 50 से 60 मीटर की दूरी पर स्थित स्कूल तक पहुंचने के लिए बच्चों को रोजाना कीचड़ से होकर पैदल गुजरने पर मजबूर होना पड़ रहा है। हर दिन स्कूल ड्रेस पहनकर और भारी बस्ता टांगकर कीचड़ भरे रास्ते से गुजरते मासूमों के कदम डगमगा जाते हैं। कई बार संतुलन बिगड़ने की वजह से बच्चे कीचड़ में गिर जाते हैं। कपड़े और कॉपियां गंदी होने के कारण उन्हें वापस घर लौटना पड़ता है, जिससे उनकी पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। DM कुमार अनुराग पर बच्चों को पूरा भरोसा: सड़क की इस जर्जर स्थिति से तंग आकर मासूम छात्र-छात्राओं ने कैमूर के

जिलाधिकारी कुमार अनुराग से भावुक गुहार लगाई है। बच्चों ने बेहद मासूमियत और पूरे विश्वास के साथ कहा, “डीएम अंकल! इस रास्ते को बनवा दीजिए। स्कूल जाने में बहुत परेशानी होती है। कीचड़ में गिर जाने की वजह से हमारी पढ़ाई छूट जाती है।” बच्चों का कहना है कि उन्हें जिले के युवा एवं संवेदनशील जिलाधिकारी पर पूरा भरोसा है। उन्हें उम्मीद है कि ‘DM अंकल’ उनकी इस समस्या का जल्द से जल्द संज्ञान लेंगे और स्कूल के पहुंच मार्ग को दुरुस्त करवाएंगे, ताकि वे बिना किसी डर और रुकावट के रोजाना स्कूल जा सकें। अभिभावकों में भी भारी आक्रोश: स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि महज 50 से 60 मीटर के इस रास्ते पर पक्की सड़क या जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण यह स्थिति बनी हुई है। बारिश के दिनों में यह रास्ता किसी बुरे सपने जैसा हो जाता है। अभिभावक भी हर समय बच्चों के साथ किसी हादसे की आशंका को लेकर चिंतित रहते हैं। अब देखने वाली बात होगी कि जिलाधिकारी कुमार अनुराग बच्चों की इस मासूम पुकार पर कितनी जल्द कार्रवाई करते हैं और इन भावी भविष्य को कीचड़ भरे रास्ते से कब मुक्ति दिलाते हैं।
