केंद्र सरकार द्वारा संसद में पारित खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 (MMDR Amendment Bill) के विरोध में राष्ट्रीय जनता दल, धनबाद जिला कमेटी की ओर से गुरुवार को रणधीर वर्मा चौक, जिला मुख्यालय धनबाद में एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया गया। धरना-प्रदर्शन की अध्यक्षता राजद धनबाद जिलाध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप यादव ने की, जबकि संचालन राजद के पूर्व प्रदेश महासचिव उदय शर्मा ने किया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप यादव ने कहा कि MMDR संशोधन राज्य के वित्तीय अधिकारों और सहकारी संघवाद से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न खड़े करता है। उन्होंने कहा कि झारखंड जैसे खनिज संपदा से

समृद्ध राज्य के लिए खनिज से प्राप्त राजस्व विकास और जनकल्याण की योजनाओं का महत्वपूर्ण आधार है। झारखंड के 2026-27 बजट में Mineral Bearing Land Cess से ₹14,656 करोड़ की अनुमानित आय का उल्लेख किया गया था। उन्होंने कहा कि राज्यों के खनिज-संबंधी कराधान अधिकारों को सीमित करने वाला प्रावधान राज्य की वित्तीय स्वायत्तता को प्रभावित कर सकता है। संशोधन में राज्यों द्वारा खनिज अधिकारों और खनिज-युक्त भूमि पर कर, उपकर या अन्य लेवी लगाने पर केंद्र द्वारा निर्धारित शर्तों एवं प्रतिबंधों के अधीन करने का प्रावधान है। युवा राजद जिलाध्यक्ष प्रवीण कुमार अधिवक्ता एवं गुलशन खातून ने कहा कि जुलाई 2024 में सुप्रीम कोर्ट की नौ सदस्यीय संविधान पीठ ने 8:1 के बहुमत से राज्यों के खनिज अधिकारों पर कर लगाने की शक्ति को मान्यता दी थी। वर्तमान संशोधन में राज्यों की इस शक्ति को सीमित करने का प्रावधान किया गया है।