दो दिनों से हो रही लगातार बारिश के बीच ईसीएल के केंदा क्षेत्र अंतर्गत न्यू केंदा कोलियरी के तीन नंबर बाउरीपाड़ा स्थित मां मनसा मंदिर के पास गुरुवार तड़के करीब पांच बजे तेज आवाज के साथ फिर भू-धंसान हुआ। धंसान का दायरा बढ़ने से आसपास रहने वाले लोगों में दहशत है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना के बाद भी ईसीएल का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। स्थानीय रामकृष्ण बाउरी ने कहा कि धंसान प्रभावित क्षेत्र में 144 परिवारों को चिह्नित कर पुनर्वासित करने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक ठोस पहल नहीं हुई। बाउरी समाज शिक्षा

समिति के हरेकृष्ण बाउरी ने बताया कि दो वर्षों में यहां तीन बार भू-धंसान हो चुका है। कुछ परिवारों को ईसीएल आवासों में अस्थायी रूप से स्थानांतरित किया गया है, लेकिन मुआवजा व अन्य सुविधाएं नहीं मिली हैं। वही स्थानीय क्रांति बाउरी ने बताया कि धंसान स्थल के पास से लोगों का आवागमन होता है और बच्चे इसी रास्ते से फुटबॉल मैदान जाते हैं। उन्होंने तत्काल सुरक्षा व्यवस्था और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की मांग की। लोगों ने चेतावनी दी कि समस्या का समाधान नहीं होने पर ईसीएल के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।