स्थानीय एवं पारंपरिक खाद्य संसाधनों को पोषण, स्वास्थ्य और महिला स्वावलंबन से जोड़ने की दिशा में एक सार्थक पहल करते हुए सिम्फर लेडीज़ क्लब द्वारा “स्वास्थ्य से स्वावलंबन की ओर” विषय पर एक दिवसीय मिलेट रेसिपी प्रशिक्षण एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन सत्कार गेस्ट हाउस में किया गया। कार्यक्रम में टुंडी, मैथन एवं गोविंदपुर क्षेत्र की 30 से ज़्यादा आदिवासी महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय रूप से उपलब्ध पारंपरिक खाद्य पदार्थों—विशेषकर मिलेट (श्री अन्न), महुआ, राजगीरा, मोरिंगा और रागी—के पौष्टिक एवं व्यावहारिक उपयोग के प्रति जागरूकता पैदा करना तथा इनके माध्यम से महिलाओं को स्वास्थ्य एवं स्वावलंबन की दिशा में प्रेरित करना था। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागी महिलाओं को इन स्थानीय खाद्य पदार्थों से पाँच प्रकार की पौष्टिक एवं स्वादिष्ट रेसिपी तैयार करने का प्रत्यक्ष हैंड्स-

ऑन प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें महुआ मिलेट लड्डू, राजगिरा प्रोटीन बार, मोरिंगा लड्डू और रागी कुकीज़ और इसी तरह के कई रेसिपी का प्रशिक्षण दिया गया। पूरे कार्यक्रम का आयोजन सिम्फर लेडीज़ क्लब की अध्यक्ष श्रीमती मीरा मिश्रा के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम में भारतीय स्टेट बैंक के उप महाप्रबंधक (Deputy General Manager) श्री प्रफुल कुमार झा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि CSIR-CIMFR के निदेशक प्रो अरविंद कुमार मिश्रा विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए। अतिथियों ने सिम्फर लेडीज़ क्लब की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय खाद्य संसाधनों और पारंपरिक ज्ञान को स्वास्थ्य जागरूकता तथा महिला स्वावलंबन से जोड़ना समाज के लिए उपयोगी एवं प्रेरणादायक प्रयास है। कार्यक्रम का संचालन सिम्फर लेडीज़ क्लब की सदस्यों श्रीमती नीतू मेहता, श्रीमती अर्चना आजाद एवं श्रीमती संस्कृति कुमारी सहित अन्य सदस्यों द्वारा किया गया। “स्वास्थ्य से स्वावलंबन की ओर” कार्यक्रम को प्रतिभागियों, अतिथियों एवं मीडिया प्रतिनिधियों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली। कार्यक्रम ने पोषण जागरूकता, पारंपरिक खाद्य संस्कृति, महिला सशक्तिकरण और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग को एक मंच पर लाने का सफल प्रयास किया।

