नई दिल्ली के कर्तव्य भवन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना को लेकर अहम बैठक हुई। इस दौरान उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश के बीच समझौता ज्ञापन यानी MoU पर हस्ताक्षर किए गए। करीब आठ दशक से लंबित इस परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रस्तावित किशाऊ प्रोजेक्ट की बिजली उत्पादन क्षमता 422

मेगावाट है। परियोजना से जल सुरक्षा, सिंचाई, पेयजल आपूर्ति और यमुना के पुनर्जीवन में मदद मिलने की उम्मीद जताई गई है। बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहे। उत्तर प्रदेश के लिए परियोजना से सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और किसानों को लाभ मिलने की बात कही गई। सरकार के अनुसार, यह समझौता राज्यों के बीच सहयोग और जल संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में अहम पहल है।

