पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के रतुआ इलाके से बेहद चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। गंगा नदी में लगातार हो रहे भीषण कटाव के चलते सैकड़ों साल पुराना ऐतिहासिक शिव मंदिर नदी में समा गया। बताया जा रहा है कि फरक्का बैराज से करीब 12 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद इलाके में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसके साथ ही गंगा की कई प्रमुख सहायक नदियां

भी उफान पर हैं। हालात बिगड़ने से मालदा और मुर्शिदाबाद समेत निचले इलाकों और सीमावर्ती क्षेत्रों में बाढ़ और भीषण कटाव का संकट गहरा गया है। गंगा के तेज बहाव और लगातार हो रहे कटाव की वजह से नदी किनारे बसे इलाकों में भी खतरा बढ़ गया है। ऐतिहासिक शिव मंदिर के नदी में समाने से स्थानीय लोगों में चिंता और मायूसी का माहौल है। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों पर नजर रखी जा रही है।

