26 अगस्त को आए फ्लैश फ्लड ने रसुवा और नुवाकोट को पूरी तरह तबाह कर दिया। अब तक 788 लोगों की मौत हो चुकी है और 2500 से ज्यादा लोग लापता हैं। तिब्बत में भी 16 लोगों की मौत और 550 लापता हैं। ग्राउंड जीरो पर रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। हेलीकॉप्टर से लोगों को एयरलिफ्ट किया जा रहा है और मलबे के नीचे दबे लोगों को निकाला जा रहा है। अब तक 9500 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू हो चुका है। इंडियन आर्मी भी नेपाल सेना के साथ मोर्चे पर है। कर्नल रैंक

के अधिकारी और पैरा फील्ड हॉस्पिटल की टीम वर्टिकल इवैक्यूएशन की प्लानिंग कर रही है। लेकिन नई मुसीबत आ गई है। भोटे कोशी और त्रिशूली नदी फिर उफान पर हैं। चरौंदी का सस्पेंशन पुल बह गया है। तिब्बत-नेपाल बॉर्डर पर बनी नई झील से पानी रिसने के कारण नई बाढ़ का खतरा है। डेड बॉडी डिकंपोज होने से महामारी का खतरा भी बढ़ गया है।

