धनबाद के बरवाअड्डा थाना परिसर में 21 अगस्त की रात कथित मारपीट के बाद विवाद गहरा गया है। मामला बड़ापिछरी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी के कथित फर्जी हस्ताक्षर से जाति, आवासीय प्रमाण पत्र और वंशावली तैयार किए जाने से जुड़ा है। इसी मामले में आरोपी की पैरवी को लेकर डुमरी विधायक जयराम महतो और मुखिया समर्थकों के बीच थाना प्रभारी के चेंबर में विवाद और हाथापाई की बात सामने आई है। मुखिया के पुत्र प्रदीप कुमार रजक ने जयराम महतो और उनके समर्थकों पर मारपीट, गला दबाने और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप लगाते

हुए शिकायत दी है। उन्होंने थाना परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज के आधार पर जांच की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विवाद के बाद देर रात करीब 2 बजे जयराम महतो मुखिया पक्ष से बातचीत और माफी मांगने के लिए आशु रजक के घर पहुंचे, लेकिन मुखिया ने कथित तौर पर माफी स्वीकार करने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्हें वापस लौटना पड़ा। मामले में पुलिस की जांच जारी है और CCTV फुटेज से पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

