राहुल गांधी ने झारखंड में छात्रों के मुद्दे को लेकर अपनी स्थिति साफ की है। उन्होंने कहा कि झारखंड में जो कुछ हो रहा है, उस मुद्दे पर वह चुप नहीं हैं, बल्कि खुलकर अपनी बात रख रहे हैं। राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस का हवाला देते हुए कहा कि उनकी पार्टी छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा को स्वीकार नहीं करती। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को शांत कराने के लिए

हिंसा का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। राहुल गांधी का यह बयान झारखंड में छात्रों के विरोध प्रदर्शन और उनके खिलाफ कथित कार्रवाई को लेकर सामने आया है। उन्होंने साफ किया कि छात्र किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनकी मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।

