अरुणाचल प्रदेश में चीन की कथित ‘धीरे-धीरे घुसपैठ’ के दावों को सरकारी सूत्रों ने खारिज कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, बिना ठोस सबूत के इस तरह के दावे केवल सनसनी फैलाने और ध्यान खींचने की कोशिश हैं। भारत-चीन सीमा के कुछ हिस्सों का अभी औपचारिक निर्धारण नहीं हुआ है, इसलिए कई बार दोनों देशों के पेट्रोलिंग दल आमने-सामने आ जाते हैं। ऐसे मामलों को तय प्रोटोकॉल और मौजूदा सिस्टम के तहत संभाला जाता है। सरकार ने साफ किया है कि भारतीय

सेना और ITBP सीमा पर पूरी तरह सतर्क हैं और चीनी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। चीन लंबे समय से अरुणाचल प्रदेश को ‘साउथ तिब्बत’ बताकर इस पर दावा करता रहा है, लेकिन भारत ने स्पष्ट किया है कि अरुणाचल प्रदेश देश का अभिन्न हिस्सा है और इसे कोई नहीं बदल सकता। भारत ने सीमा क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर और निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत किया है। वहीं, चीन की ओर से अरुणाचल के स्थानों के नाम बदलने की कोशिशों को भारत लगातार खारिज करता रहा है।

