रांची स्थित झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स की व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। अस्पताल के वार्डों में जलभराव, फैली गंदगी और मरीजों को हो रही परेशानियों को लेकर स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।
विरोधियों का आरोप है कि सरकार मौजूदा रिम्स की व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से संचालित नहीं कर पा रही है, जबकि दूसरी ओर आदिवासी भूमि पर रिम्स-2 के निर्माण की योजना आगे बढ़ा रही है। साथ ही स्वास्थ्य मंत्री और विभागीय अधिकारियों पर स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के बजाय ठेकेदारों, निजी जांच लैबों और आउटसोर्सिंग से जुड़े मामलों में अधिक ध्यान देने के आरोप भी लगाए गए हैं।

आरोपों में यह भी कहा गया है कि रिम्स के तत्कालीन दलित निदेशक को दबाव और प्रताड़ना का सामना करना पड़ा तथा उन्हें इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
फिलहाल, इन आरोपों पर राज्य सरकार या स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विभाग का पक्ष आने पर उसे भी प्रमुखता से शामिल किया जाएगा।

