झारखंड में छात्रों का आंदोलन लगातार चर्चा में बना हुआ है। बड़ी संख्या में छात्र अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे, लेकिन इस प्रदर्शन की सबसे खास बात इसकी शांतिपूर्ण और अनुशासित तस्वीर रही। प्रदर्शन के दौरान न तो किसी तरह की हिंसा देखने को मिली और न ही सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने भारत माता की जय के नारे लगाए और अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया। सावन माह के

चलते कई जगहों पर शिव मंदिरों से भक्ति गीतों की गूंज भी सुनाई दी, जिससे माहौल पूरी तरह शांत और सांस्कृतिक रंग में नजर आया। बड़ी संख्या में जुटी भीड़ के बावजूद व्यवस्था बनी रही और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। झारखंड के इस छात्र आंदोलन ने यह संदेश दिया कि लोकतंत्र में अपनी बात मजबूती से रखने के साथ-साथ अनुशासन और शांति बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

