दिल्ली के जंतर-मंतर में 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में घायल पुलिसकर्मियों के परिजनों ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखा। उनका कहना है कि प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने पुलिस पर पत्थर, गमलों, जूतों और चप्पलों से हमला किया, जिसमें 5 आईपीएस अधिकारियों समेत 180 पुलिसकर्मी घायल हुए।

एक घायल सब-इंस्पेक्टर के बेटे ने दावा किया कि उनके पिता ने पहले ही कहा था कि प्रदर्शन में असामाजिक तत्व शामिल हो गए हैं। वहीं एक एएसआई की पत्नी ने बताया कि उनके पति का हेलमेट पूरी तरह टूट गया था और गंभीर हादसा हो सकता था। परिजनों ने संसद और सरकार से अपील की कि पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों की पीड़ा को भी सुना जाए और घटना के सभी पहलुओं पर निष्पक्ष चर्चा हो।

