हजारीबाग। आत्मसमर्पित नक्सली बंदियों के पुनर्वास को लेकर जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। आत्मसमर्पित नक्सली बंदी कारा, हजारीबाग में गुरुवार को मुर्गी पालन और सिलाई-कटिंग का 80 दिवसीय व्यावसायिक प्रशिक्षण शुरू किया गया। प्रशिक्षण का उद्घाटन उपायुक्त हेमन्त

सती ने किया। यह प्रशिक्षण जन शिक्षण संस्थान, हजारीबाग द्वारा दिया जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि राज्य सरकार की समर्पण नीति का उद्देश्य आत्मसमर्पित बंदियों को सम्मानजनक आजीविका देकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। कौशल विकास से उन्हें नई दिशा मिलेगी और वे आत्मविश्वास के साथ जीवन की नई शुरुआत कर सकेंगे।

