26 दिनों की लंबी भूख हड़ताल के बाद पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला केंद्र सरकार और विभिन्न दलों के सांसदों से मिले आश्वासन के बाद लिया गया। सोनम वांगचुक ने कहा कि अब सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि जवाबदेही का समय है। उनके अनुसार, संबंधित मुद्दों और परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही पर संसद

में चर्चा होगी। वांगचुक ने उम्मीद जताई कि सरकार अपने वादों को पूरा करेगी और जरूरी सुधारों की दिशा में ठोस कदम उठाएगी। उन्होंने अपने समर्थकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका आंदोलन सकारात्मक बदलाव और जवाबदेह व्यवस्था की मांग के लिए था। अब सभी की नजरें संसद में होने वाली चर्चा और सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।

