मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान ने अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उसके किसी भी सैन्य या रणनीतिक ठिकाने पर हमला हुआ, तो उसका “शक्तिशाली और निर्णायक जवाब” दिया जाएगा। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने कहा कि देश की नीति “आंख के बदले आंख” की है।

वहीं, ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगैर गालिबफ ने कहा कि अगर ईरान अपना तेल निर्यात नहीं कर पाएगा, तो क्षेत्र का कोई भी देश तेल नहीं बेच सकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को ईरान के तय नियमों का पालन करना होगा। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान ने किसी व्यावसायिक जहाज पर हमला किया, तो अमेरिका कड़ी सैन्य कार्रवाई करेगा। दोनों देशों के सख्त बयानों के बीच वैश्विक तेल बाजार में चिंता बढ़ गई है और ब्रेंट क्रूड की कीमतों पर भी दबाव देखने को मिल रहा है।

