पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दिखने लगा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर 80 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बढ़ी चिंताओं के कारण ब्रेंट क्रूड में लगातार तेजी बनी हुई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हॉर्मुज

जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर नई भुगतान व्यवस्था का प्रस्ताव रखा है, जबकि रूस के ऊर्जा निर्यात पर सख्ती के संकेत भी दिए हैं। वहीं, ईरान-अमेरिका तनाव, हॉर्मुज क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियां और यमन में हूती विद्रोहियों तथा सऊदी अरब के बीच टकराव ने वैश्विक बाजारों की चिंता बढ़ा दी है। इसका असर शेयर बाजारों पर भी देखने को मिला, जहां भारतीय बाजार लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ खुले।

