पंजाब कांग्रेस में जारी अंदरूनी खींचतान को खत्म करने की कोशिशें तेज हो गई हैं। पार्टी के प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल ने शनिवार को चंडीगढ़ में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थक नेताओं के साथ अहम बैठक की। इस बैठक में चन्नी समेत करीब 50 नेता शामिल हुए, जबकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग इसमें मौजूद नहीं रहे। बैठक से पहले चन्नी ने मीडिया से कहा, “तेल देखिए और तेल की धार देखिए, फिर बात करेंगे,” जिससे उनके सख्त रुख के संकेत मिले। दरअसल, 1 जुलाई को कांग्रेस संगठन की नई सूची जारी होने के बाद विवाद

शुरू हुआ था। सूची में राजा वडिंग को प्रदेश अध्यक्ष और चन्नी को कैंपेन कमेटी का चेयरमैन बनाया गया। इसके बाद चन्नी गुट ने नेतृत्व को लेकर सवाल उठाते हुए प्रदेश अध्यक्ष पद पर बदलाव की मांग की। बढ़ते विवाद के बीच कांग्रेस आलाकमान ने भूपेश बघेल को पंजाब भेजा है, ताकि दोनों गुटों के बीच मतभेद दूर कर संगठन में एकजुटता कायम की जा सके।

