नर्मदा परियोजना से जुड़े दशकों पुराने अंतरराज्यीय विवाद का आखिरकार समाधान हो गया है। नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की मौजूदगी में मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्रियों ने ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के साथ जल-प्लावित क्षेत्रों के विस्थापन, मुआवजे और लंबित देयों से जुड़े मुद्दों का वन-टाइम सेटलमेंट के जरिए निपटारा किया गया। अमित शाह ने कहा

कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारी संघवाद को नई मजबूती मिली है और राज्यों के बीच लंबे समय से लंबित विवाद तेजी से सुलझ रहे हैं। उन्होंने चारों राज्यों के रचनात्मक सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि नर्मदा परियोजना ने किसानों, सिंचाई और बिजली के क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाया है। शाह ने यह भी कहा कि पानी किसी एक राज्य का नहीं, बल्कि पूरे देश के किसानों और नागरिकों की साझा संपत्ति है, इसलिए ऐसे विवादों का समाधान राष्ट्रीय हित में बेहद जरूरी है।

