डॉ0,मिहिर किडनी केयर हॉस्पिटल ने पूरे किए सफलता पूर्वक एक साल।

डॉ0,मिहिर किडनी केयर हॉस्पिटल ने पूरे किए सफलता पूर्वक एक साल।

धनबाद, झारखंड । भारत एक बड़े स्वास्थ्य संकट का सामना कर रहा है, जहाँ 13.8 करोड़ से ज्यादा वयस्क क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) से प्रभावित हैं, जिससे यह दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा किडनी रोग वाला देश बन गया है। हर साल 2.2 लाख नए मरीजों को डायलिस की जरूरत पड़ती है। भारतीयों में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के बीच पिछले वर्षों में CKD (2011 से 2017 की अवधि में 11.12% से बढ़कर 2018 से 2023 के बीच 16.38% तक) की एक बढ़ती प्रवृत्ति देखी गई है। इनमें से 90% से अधिक लोगों का निदान तब होता है जब बीमारी अंतिम अवस्था में पहुंच चुकी होती है। इसी ‘साइलेंट किलर से लड़ने के उद्देश्य से डॉ. मिहिर किडनी केयर हॉस्पिटल 1 साल से झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल के मरीजों को विशेषज्ञ किडनी देखभाल दे रहा है। डा मिहिर किडनी केयर होस्पीटल धनबाद का एकमात्र किडनी होस्पीटल है।

इस हॉस्पिटल में,24×7 Dialysis Unit And 24×7 ICU Care- ताकि आपातकाल में मरीजों को तुरंत मदद मिल सके। नियमित शुगर, बीपी और किडनी स्क्रीनिंग शिविर। क्योंकि समय पर पकड़ी गई CKD को दशकों तक स्थिर रखा जा सकता है।. विशेषज्ञ टीमः डॉ. मिहिर कुमार, एम.डी., डी.एम. नेफ्रोलॉजी के नेतृत्व में प्रशिक्षित नेफ्रोलॉजिस्ट, डायलिस टेक्नीशियन और नर्सिंग स्टाफ।. किफायती उपचारः आधुनिक तकनीक के साथ गुणवत्तापूर्ण इलाज, ताकि आर्थिक बोझ के कारण कोई मरीज इलाज से वंचित न रहे। डॉ. मिहिर कुमार, प्रबंध निदेशक ने कहाः “CKD को हम साइलेंट किलर कहते हैं क्योंकि शुरुआती स्टेज में कोई लक्षण नहीं होते। मरीज को तब पता चलता है जब डायलिस या ट्रांसप्लांट ही एकमात्र विकल्प बचता है। हमारा मिशन है कि हर व्यक्ति, खासकर डायबिटीज और बीपी के मरीज, हर साल अपना eGFR और यूरिन टेस्ट जरूर कराए।” पिछले एक वर्ष में हज़ारों किडनी मरीजों को किडनी रोग से निजात दिला चुकी है ये हॉस्पिटल जो कि न सिर्फ धनबाद बल्कि पूरे झारखंड,बंगाल और बिहार से आते हैं यहां ईलाज करवाने। सुनिये क्या कह रहे हैं डॉ मिहिर ,प्रस्तुत है सहयोगी संदीप दत्ता के साथ पंकज सिंहा की रिपोर्ट धनबाद से।